लेखनी कविता -15-Feb-2022 (आइसक्रीम )
(6) आइसक्रीम
ठंडी ठंडी यम्मी यम्मी कुल कुल
दिमाग रखता आइसक्रीम कुल
खाने को दिल जब भी करे मेरा
चला जाता हूं तोड़कर सब रूल
वही फ्लेवर है वही चोकोगोल्ड
वही पिस्ता बादाम वेनेलिना है
बच्चे बड़ो सबको भाता यही है
कोन पापड़ी डंडी आइसक्रीम
पहले आती थी दो रुपये में
आज आती है 10 रुपये में
स्वाद में वही है आज भी ये
कितना कुल है आइसक्रीम
हर मौसम में दिल को भाए
ये आइसक्रीम ये आइसक्रीम
कोन लू या कप या पिस्ता कौन बताये
पापा पे करेंगे हम सिर्फ आइसक्रीम खाये
जीवन मे क्या रखा है खर्च तो हो रही है।
आइसक्रीम की तरह पिघल रही है ।
मजा उठा लो यारो वरना बाद में पछताने
से क्या होगा जब चिड़िया चुग जाए खेत
मैंगो वाला आइसक्रीम हमे थमा देता है कोई
एक के बाद एक खाते रहते जमा देता है वह
Seema Priyadarshini sahay
16-Feb-2022 03:59 PM
यम्मी आइस्क्रीम😋
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